
दैनिक जागरण (Dainik Jagran)
verifiedसदी के अंत तक 39 फीसदी ग्लेशियर खत्म होने का खतरा, बढ़ेगा फ्लैश फ्लड औ
ग्लोबल वार्मिंग के चलते दुनिया भर में ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं। ये एक बड़े खतरे की आहट है। इसी को ध्यान में रखते हुए इस साल अंतरराष्ट्रीय पर्वत दिवस 2025 की थीम 'ग्लेशियर पहाड़ों और उसके बाहर पानी, भोजन और रोज़ी-रोटी के लिए ज़रूरी हैं' रखी गई है। भारत की प्रमुख नदियों में पानी के मुख्य स्रोत ये ग्लेशियर ही हैं। ये नदियां करोड़ों लोगों की खेती और पीने की जरूरत को पूरा करती हैं। हाल ही में साइंस डायरेक्ट में प्रकाशित एक अध्ययन में दावा किया गया है कि अगर मौजूदा हालात जितने भी तापमान स्थिर रहे तब भी 2020 की तुलना में 2100 तक दुनिया भर के ग्लेशियर अपना लगभग 39 फीसदी हिस्सा खो देंगे। इससे आने वाले समय में पानी, कृषि और बिजली के लिए करोड़ों लोगों की सुरक्षा को सीधा खतरा पैदा हो सकता है