
दैनिक जागरण (Dainik Jagran)
verifiedअर्बन हीट आइलैंड इफेक्ट के चलते असहनीय होगी गर्मी, बच्चों और बुजुर्गों
जलवायु परिवर्तन के चलते तापमान लगातार बढ़ रहा है। आने वाले वर्षों में खास तौर पर शहरों में रहने वाले लोगों को असहनीय गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। एशिया-प्रशांत डिजास्टर रिपोर्ट 2025 के मुताबिक शहरी इलाकों में तापमान अगले कुछ दशकों में 2°C से 7°C तक बढ़ सकता है। इससे शहरों में हीट स्ट्रेस, स्वास्थ्य संकट और ऊर्जा की मांग का दबाव बढ़ जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक आने वाले समय में बेहद गर्मी के चलते लोगों के काम करने की क्षमता में कमी आएगी। 1995 से 2030 के बीच बढ़ी गर्मी के कारण कामकाजी घंटे 3.75 मिलियन से बढ़कर 8.1 मिलियन फुल-टाइम नौकरी के बराबर खो जाएंगे। रिपोर्ट के मुताबिक बढ़ती गर्मी के चलते अनुमानित आर्थिक नुकसान लगभग 498 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच सकता है। इस बढ़ते खतरे का सबसे अधिक असर गरीब, बच्चे और बुजुर्ग अनुभव करेंगे। वहीं उच्च-आय वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोग ठंडी और हरित जगहों पर रहने वाले लोग इस जानलेवा गर्मी से कम प्रभावित होंगे।